बिहार में गायब हैं ड्यूटी से 28 डॉक्टर, सरकार बोली- सभी बर्खास्‍त होंगे

पटना : कोरोना महामारी को देखते हुए डॉक्टरों की तमाम छुट्टियां रद हैं. डॉक्टरों को कर्तव्य स्थल पर उपस्थित रहने के निर्देश हैं. बावजूद कई डॉक्टर, सीनियर रेजिडेंट साल-डेढ़ साल से ड्यूटी से गायब हैं. शुक्रवार को सरकार ने विभिन्न अस्पतालों में तैनात ऐसे ही 28 संविदा डॉक्टरों, सीनियर रेजिडेंट को नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर काम पर लौटने के निर्देश दिए हैं. ऐसा नहीं करने वाले डॉक्टरों की सेवा समाप्त की जाएगी.

स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने कहा है कि महामारी कानून में किए गए प्रावधानों के तहत डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों के साथ नर्सों की छुट्टियां रद हैं. बावजूद आदेश का उल्लंघन कर बड़ी संख्या में डॉक्टर ड्यूटी से गायब पाए जा रहे हैं। यह उनकी घोर लापरवाही है. 

प्रधान सचिव ने कहा है कि विभिन्न मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में तैनात 28 डॉक्टर सवा साल, डेढ़ साल से ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं. ये सभी डॉक्टर तीन दिन के अंदर अपने कर्तव्य स्थल पर योगदान करें अन्यथा बगैर सूचना दिए गायब रहने के आरोप में इनकी संविदा रद कर दी जाएगी और उनके टेन्योर को समाप्त माना जाएगा. शेष अनुपस्थित शिक्षकों के विरुद्ध अनुशासनिक और आपदा प्रबंधन एक्ट 2005 एवं एपेडेमिक डिजीज एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि इसके पूर्व भी करीब दो सौ शिक्षकों को गायब रहने के बाद नोटिस दिया गया था. 

ड्यूटी से गायब डॉक्टर :  बेतिया से डॉ. सुधेंद्र नाथ सिन्हा, डॉ. अभिषेेक कुमार, डॉ प्रमोद कुमार प्रभाकर, डॉ. आशुतोष रंजन, पावापुरी से डॉ. गीता ङ्क्षसह, डॉ. दामोदर तिवारी, मुजफ्फरपुर से डॉ. विनय शंकर, डॉ. कुमार ऐश्वर्य, डॉ. रेहाना अंजुम, डॉ. साकिब आजाद सिद्दीकी, डॉ. रतन कुमार, डॉ. रमण किशोर, मधेपुरा से डॉ. मनीष कुटारे, डॉ. सत्यजीत कुमार ङ्क्षसह, डॉ. कुमार रवीश, दरभंगा से डॉ. शाम्भवी, भागलपुर से अमित कुमार ङ्क्षसह, डॉ. ङ्क्षप्रस चंद्रशेखर, डॉ. शिरीन शैलजा, डॉ. प्रीति कुमारी और पटना से डॉ. अल्फिया अलीम, डॉ. सोनाली, डॉ. सुशील कुमार , डॉ. फरीद आलम अंसारी और डॉ. लोकेश कुमार.

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