जली रोटी देने पर 6 साल की पॉजिटिव बच्ची और फौजी पिता की शिकायत पर कहा- यहां ऐसा ही खाना है, बाकी आपकी मर्जी

मोहाली : कोरोनावायरस से संक्रमित मरीज बनूड़ स्थित ज्ञान सागर अस्पताल में जली हुई रोटी खाकर और खस्ताहाल बेड्स पर सोकर समय गुजार रहे हैं. नांदेड़ साहिब से 29 अप्रैल को मोहाली लाए गए एक फौजी ने बताया कि उनकी 6 साल की बच्ची का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया था, जबकि बाकी पूरे परिवार का टेस्ट निगेटिव आया. इस पर उन्होंने प्रशासन से बच्ची का दोबारा टेस्ट करने की मांग की थी, लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी.

लिहाजा उनकी 6 साल की बच्ची को अकेले ही एक कमरे में ले जाकर बंद कर दिया था, लेकिन बच्ची खुद को अकेली और डरी हुई महसूस कर रही थी, इसके बाद उन्हें उनकी बच्ची के साथ रहने के लिए बोल दिया गया. वह बोले कि आज बच्ची के खाने के लिए जो रोटी भेजी गई, वो पूरी तरह से जली हुई थी. जब इस बारे में संबंधित लोगों को कहा तो जवाब मिला, यहां पर तो ऐसा ही खाना मिलेगा, खाना है तो खाओ नहीं तो आपकी मर्जी है.

न डॉक्टर चेक कर रहे, न दे रहे दवा 

फौजी ने आगे बताया, 16 दिन से वो ज्ञान सागर के आइसोलेशन वाॅर्ड में भर्ती हैं. तब से अब तक एक बार भी डॉक्टर उनकी बेटी को चेक करने नहीं आए हैं. उन्होंने बताया कि डॉक्टर्स की ओर से उन्हें बोल दिया गया गया कि रोज अपनी बच्ची का बुखार चेक कर लिया करें और अगर बुखार आएगा तो खुद ही दवाई दे दिया करें. उन्होंने बताया कि अगर उन्होंने खुद ही बुखार चेक करके दवाई देनी है तो यह काम तो वो अपने घर में भी कर सकते हैं, इसके लिए उन्हें वहां पर क्यों रखा गया है.

मरीजों के लिए जो बेड, उनकी हालत खस्ताहाल

ज्ञान सागर के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मरीजों ने बताया कि वहां सोने के लिए जो बेड हैं, उनकी हालत खस्ता है और उन पर सोना बेहद मुश्किल है. मरीज बोले, अगर इन बेड्स पर डॉक्टर लेट सकते हैं तो वो भी उन बेड्स पर लेट जाएंगे, लेकिन जब वो लोग या उनके परिवार ऐसे बेड पर नहीं लेट सकते तो उनके लिए भी ऐसे बेड क्यों रखे गए हैं?

कल भी बताया था मिलता है खराब खाना
गत दिवस भी यहां हंगामा हुआ था. यहां भर्ती किए नांदेड़ साहिब से आए श्रद्धालुओं को लाने वाले बस कंडक्टर-ड्राइवर जो कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे, ने खाने को लेकर हंगामा किया था. कहा था कि यहां मिलने वाला खाना बहुत ही खराब होता है. उनका कहना था कि कोरोना का तो पता नहीं, लेकिन वो खाना उन्हें जरूर बीमार कर देगा. उन्होंने कहा कि बार-बार समझाने के बावजूद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है.

इस पूरे सेंटर का प्रबंधन पंजाब सरकार के हेल्थ विभाग द्वारा किया जा रहा है. जबकि इंफ्रॉस्ट्रक्चर तथा डॉक्टरों की सुविधा ज्ञान सागर मेडिकल कॉलेज की ओर से है. इस पूरी स्थिति पर आइसोलेशन सेंटर बनूड़ के नोडल ऑफिसर डॉ. गुरमिंदर सिंह मैमी ने कहा कि खाने को लेकर जो शिकायतें आई थीं, उनकी जांच की जा रही है और सभी को ठीक खाना मिले, यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी दे दिए गए हैं.

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