PM LIVE – मोदी ने 20 लाख करोड़ रुपए के विशेष पैकेज का ऐलान किया, कहा- जीडीपी का यह 10% हिस्सा आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार देगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संदेश दिया. उन्होंने कहा कि दुनिया ने कभी ऐसा संकट नहीं देखा है. मोदी ने कहा कि कोरोना का संकट अभूतपूर्व है. हमें इस संकट से बचना भी है और आगे बढ़ना भी है. देश में लॉकडाउन के 54 दिन में यह उनका पांचवां देश के नाम संदेश है. इस संदेश से पहले सोमवार को मोदी ने मुख्यमंत्रियों से करीब 6 घंटे बातचीत की थी.

  • भारत में लोगों ने अपने स्वजन खोए: प्रधानमंत्री मोदी ने देश के नाम अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा, ‘‘सभी देशवासियों को आदरपूर्वक नमस्कार. कोरोना संक्रमण से मुकाबला करते हुए दुनिया को अब चार महीने से ज्यादा समय बीत गया है. इस दौरान तमाम देशों के 42 लाख से ज्यादा लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं. पौने तीन लाख से ज्यादा लोगों की दु:खद मृत्यु हुई है. भारत में भी अनेक परिवारों ने अपने स्वजन खोए हैं. मैं सभी के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं.’’
  • एक वायरस ने दुनिया को तहस-नहस किया: ‘‘साथियो! एक वायरस ने दुनिया को तहस-नहस कर दिया है. विश्व भर में करोड़ों जिंदगियां संकट का सामना कर रही हैं. सारी दुनिया जिंदगी बचाने में एक प्रकार से जंग में जुटी है. हमने ऐसा संकट न देखा है, न ही सुना है. निश्चित तौर पर मानव जाति के लिए यह सब कुछ अकल्पनीय है. यह क्राइसिस अभूतपूर्व है, लेकिन थकना, हारना, टूटना, बिखरना, मानव को मंजूर नहीं है. सतर्क रहते हुए ऐसी जंग के सभी नियमों का पालन करते हुए अब हमें बचना भी है और आगे बढ़ना भी है.’’
  • संकल्प संकट से भी विराट होगा: ‘‘आज जब दुनिया संकट में है तो हमें अपना संकल्प और मजबूत करना होगा, हमारा संकल्प इस संकट से भी विराट होगा. साथियो! हम पिछली शताब्दी से ही लगातार सुनते आए हैं कि 21वीं सदी हिंदुस्तान की है. हमने कोरोना से पहले की दुनिया को, वैश्विक व्यवस्थाओं को देखने समझने का मौका मिला है. कोरोना संकट के बाद भी दुनिया में जो स्थितियां बन रही हैं, उसे भी हम िनरंतर देख रहे हैं. विश्व की आज की स्थिति हमें सिखाती है कि इसका मार्ग एक ही है, आत्मनिर्भर भारत. हमारे यहां शास्त्रों में भी यही कहा गया है. इतनी बड़ी आपदा भारत के लिए एक संकेत, एक संदेश, एक अवसर लेकर आई है.’’
  • भारत ने आपदा को अवसर में बदला: ‘‘मैं एक उदाहरण के साथ अपनी बात बता रहा हूं. जब कोरोना संकट शुरू हुआ, तब भारत में एक भी पीपीई किट नहीं बनती थी. एन-95 मास्क का भारत में नाममात्र उत्पादन होता था. आज स्थिति यह है कि भारत में ही हर रोज दो लाख पीपीई और दो लाख एन-95 मास्क बनाए जा रहे हैं. हम ऐसा इसलिए कर पाए, क्योंकि भारत ने आपदा को अवसर में बदल दिया. ऐसा करने की भारत की दृष्टि आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प के लिए उतनी ही प्रभावी होने वाली है.’’
  • हम बेस्ट प्रोडक्ट बनाएंगे, सप्लाई चेन को आधुनिक बनाएंगे: ‘‘आज फिर भारत विकास की ओर सफलतापूर्वक कदम बढ़ा रहा है, तब भी विश्व कल्याण की राह पर अटल है. इस शताब्दी की शुरुआत के समय y2k संकट आया था. भारत के वैज्ञानिकों ने दुनिया को इस संकट से निकाला था. आज हमारे पास साधन, सामर्थ्य है, दुनिया का सबसे बेहतरीन टैलेंट है. हम बेस्ट प्रोडक्ट बनाएंगे. अपनी क्वॉलिटी और बेहतर करेंगे। सप्लाई चेन को और आधुनिक बनाएंगे. ये हम कर सकते हैं और हम जरूर करेंगे.’

पीएम ने कहा- लॉकडाउन 4 की गाइडलाइंस के बारे में 18 मई से पहले बता दिया जाएगा

मोदी की स्पीच के 3 अहम प्वाइंट
1. आत्मनिर्भर भारत: मोदी ने कहा- ‘‘मैंने अपनी आंखों के साथ कच्छ भूकंप के दिन देखे हैं. हर तरफ सिर्फ मलबा ही मलबा. सबकुछ ध्वस्त हो गया था. ऐसा लगता था मानो कच्छ मौत की चादर ओढ़ कर सो गया था. उस परिस्थिति में कोई सोच भी नहीं सकता था कि कभी हालत बदल पाएगी. लेकिन देखते ही देखते कच्छ उठ खड़ा हुआ. कच्छ बढ़ चला। यही हम भारतीयों की संकल्पशक्ति है. हम ठान लें तो कोई लक्ष्य असंभव नहीं, कोई राह मुश्किल नहीं। और आज तो चाह भी है, राह भी है. ये है भारत को आत्मनिर्भर बनाना.’’
2. आत्मनिर्भर भारत के 5 स्तंभ:  ‘‘भारत आत्मनिर्भर बन सकता है. यह भव्य इमारत पांच पिलर्स पर खड़ी है. पहला पिलर- इकोनॉमी. एक ऐसी इकोनॉमी जो इन्क्रीमेंटल चेंज नहीं, बल्कि क्वांटम जम्प लाए. दूसरा पिलर- इन्फ्रास्ट्रक्चर। एक ऐसा इन्फ्रास्ट्रक्चर जो आधुनिक भारत की पहचान बने. तीसरा पिलर- सिस्टम. ऐसा सिस्टम जो बीती शताब्दी की रीति नहीं, बल्कि 21वीं शताब्दी की टेक्नोलॉजी ड्रिवन व्यवस्था पर आधारित हो. चौथा पिलर- डेमोग्राफी. दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की डेमोग्राफी आत्मनिर्भर भारत के लिए हमारी ऊर्जा का स्रोत है. पांचवां पिलर- डिमांड. इसका चक्र और इसकी ताकत का इस्तेमाल किए जाने की जरूरत है.’’
3. विशेष आर्थिक पैकेज: ‘‘देश में डिमांड बढ़ाने और इसे पूरा करने के लिए हमारी सप्लाई चेन के हर स्टेकहोल्डर का सशक्त होना जरूरी है. हमारी सप्लाई चेन को हम मजबूत करेंगे, जिसमें मेरे देश की मिट्‌टी की महक हो. हमारे मजदूरों के पसीने की खुशबू हो. कोरोना संकट का सामना करते हुए नए संकल्प के साथ मैं आज 20 लाख करोड़ रुपए के एक विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा कर रहा हूं. यह आर्थिक पैकेज आत्मनिर्भर भारत अभियान की अहम कड़ी के तौर पर काम करेगा.’’

भारत जब आत्मनिर्भरता की बात करता है, तो आत्मकेंद्रित व्यवस्था की वकालत नहीं करता. भारत की आत्मनिर्भरता में संसार के सुख, सहयोग और शांति की चिंता होती है.

जो पृथ्वी को मां मानती हो, वो संस्कृति, वो भारतभूमि, जब आत्मनिर्भर बनती है, तब उससे एक सुखी-समृद्ध विश्व की संभावना भी सुनिश्चित होती है.

विश्व की आज की स्थिति हमें सिखाती है कि इसका मार्ग एक ही है- “आत्मनिर्भर भारत

पीएम मोदी के रात 8 बजे राष्ट्र के नाम संबोधन से पहले सोशल मीडिया पर लॉकडाउन 4 ट्रेंड कर रहा है।

You might also like

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More