मजदूरों के किराए पर दिल्ली और बिहार सरकार आमने-सामने, विरोधियों को मिला हमले का मौका

दिल्ली : दिल्ली सरकार और बिहार सरकार इस वक्त आमने-सामने हैं और मुद्दा है दिल्ली में रहने वाले बिहारी मजदूरों की घर वापसी का. बिहार सरकार किराया देने की बात पहले से ही कह रही है लेकिन, दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री गोपाल राय के ट्वीट पर विवाद शुरू हो गया है. गोपाल राय ने ट्वीट कर दिल्ली से बिहार जाने वाले मजदूरों के किराया देने की बात कही तो इस पर सियासी बवाल मच गया. जेडीयू के दिल्ली के प्रभारी महासचिव और बिहार सरकार में जल संसाधन मंत्री संजय झा ने ट्वीट कर कहा, अरविंद केजरीवाल जी, झूठ के साथ समस्या यही है कि आप भूल जाते हैं कि कब क्या बोल चुके हैं ? अब देखिए न आपके मंत्री ट्विटर पर सफेद झूठ बोल रहे हैं कि दिल्ली से मुजफ्फरपुर आनेवाली ट्रेन का किराया आपकी सरकार देगी, फिर चिट्ठी भेजकर हमसे पैसे भी मांगते हैं. संजय झा ने उस पत्र को भी ट्वीट किया है जिसे दिल्ली सरकार की तरफ से बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत को लिखा गया है.

दरअसल, दिल्ली सरकार के नोडल अफसर ने बिहार के आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत को एक पत्र लिखा है जिसमें इस बात का जिक्र है कि दिल्ली से मुज़फ्फरपुर चलने वाली श्रमिक एक्सप्रेस का किराया दिल्ली सरकार देगी और बिहार सरकार टिकट रिम्बर्समेंट का पैसा दिल्ली सरकार को देगी.

नीरज कुमार ने इसे केजरीवाल सरकार का सफेद झूठ बताया
बिहार सरकार में सूचना और जनसंपर्क मंत्री नीरज कुमार ने कहा, एक तरफ तो वो दावा कर रहे हैं कि बिहारियों का किराया दिल्ली सरकार ने दिया औऱ दूसरी तरफ पत्र भी लिख रहे हैं,यह दोमुंहा बात है. नीरज कुमार ने इसे केजरीवाल सरकार का सफेद झूठ बताया. उन्होंने कहा, बिहार सरकार हमारे मजदूरों को किराए के पैसे का भुगतान करने के अलावा क्वराइंटीन खत्म होने के बाद उन्हें अनुदान भी दे रही है. प्रवासी बिहारियों को पीड़ा देने में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव एक साथ खड़े हो जाते हैं. दिल्ली में मजदूरों को वापस बिहार भेजने के नाम पर बैनर लगा कर उनकी तरफ से बस भी चलवा दिया जाता है. यह उनका हिडेन एजेंडा है.

विपक्षी पार्टियों की तरफ से अब बिहार सरकार पर हमला बोला जा रहा है
इस मुद्दे पर बिहार की विपक्षी पार्टियों की तरफ से अब बिहार सरकार पर हमला बोला जा रहा है. बिहार में विपक्षी पार्टी आरजेडी के राज्यसभा सांसद और पार्टी प्रवक्ता मनोज झा ने कहा, बिहार सरकार पूरी तरह से संवेदनहीन है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने जो ऑफर दिया था, बिहार की सरकार अपना इगो त्याग कर इस ऑफर को स्वीकार करे. गौरतलब है कि तेजस्वी यादव की तरफ से बिहारी में मजदूरों को बिहार ले जाने के लिए 50 ट्रेनों के किराए देने की बात कही गई थी. अब जबकि दिल्ली सरकार और बिहार सरकार आमने-सामने हैं तो इस हालत में एक बार फिर से आरजेडी उस ऑफर को स्वीकार करने की बात कह रही है.

केजरीवाल जी आपके बस की बात नहीं है
आरजेडी के अलावा आरएलएसपी ने भी हमला बोला. आरएलएसपी के प्रधान महासचिव माधव आनंद ने कहा, केजरीवाल सरकार हमेशा झूठ का सहारा लेते हुए सत्ता में बने रही है. उन्होंने कहा, केजरीवाल जी आपके बस की बात नहीं है, तो, आप क्यों क्रेडिट लेना चाह रहे हैं. आप जहां सत्ता में हैं, वहीं की जनता की सेवा कर दीजिए, बड़ी बात होगी. बिहार सरकार और केंद्र सरकार की जिम्मेदारी बनती है, बिहार के फंसे हुए लोगों को किराया देने के साथ-साथ उन्हें सुरक्षित बिहार पहुंचाने का काम करें. किसी दूसरे प्रदेश से भीख मांगने की जरूरत नहीं है. अरविंद केजरीवाल तो शुरू से ही झूठ बोलते आए हैं, जनता की सेवा करना उनके लिए दूर की बात है. फिलहाल किराया का मुद्दा बिहार में तूल पकड़ लिया है जिसको लेकर दिल्ली सरकार बनाम बिहार सरकार के साथ-साथ यह मुद्दा बिहार में विपक्ष बनाम सत्ता पक्ष भी बन गया है.

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