महाराष्ट्र रेल हादसे में मारे गए शहडोल और उमरिया के 16 मजदूरों का आज दोपहर बाद अंतिम संस्कार होगा

भोपाल : शुक्रवार को महाराष्ट्र के औरंगाबाद में रेल हादसे में मरने वाले श्रमिकों के शव विशेष ट्रेन से जबलपुर लाए गए. यहां से शवों को शहडोल और उमरिया के लिए भेजा जाएगा. दोपहर बाद सभी का अंतिम संस्कार होगा. मरने वालों में शहडोल के 11 और उमरिया के 5 श्रमिक हैं.

शहडोल के अंतौली गांव में एक साथ 11 लोगों का अंतिम संस्कार होगा. इनमें से 9 लोग एक ही परिवार के हैं. यह लोग एक ही मोहल्ले के रहने वाले थे. पूरे गांव में मातम पसरा है. अंतौली गांव में रहने वाले रामनिरंजन के तीन बेटे थे. इनमें दो रावेंद्र और निर्वेश स्टील कंपनी में काम करने गए थे. दोनों हादसे का शिकार हो गए. इसी तरह गजराज सिंह के दो बेटे और दो बेटियां थीं. गजराज के दोनों बेटे बुद्घराज सिंह और शिवदयाल सिंह भी हादसे का शिकार हुए हैं. वहीं, चाचा धन सिंह के साथ काम करने गया दीपक सिंह भी हादसे का शिकार हो गया. रामनिरंजन और गजराज सिंह भी रिश्ते में दूर के भाई लगते हैं.

32400 मजदूरों को गुजरात और महाराष्ट्र से लाएंगी 27 ट्रेनें

  • लॉकडाउन में गुजरात और महाराष्ट्र में फंसे मध्यप्रदेश के मजदूरों को घर पहुंचाने के लिए सरकार ने तैयारी कर ली है. मई में 27 श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलेंगी, जो 32400 मजदूरों को लेकर आएंगी. 15 ट्रेन चलना तय हो चुका है. बाकी 12 भी 4- 5 दिन में फाइनल हो जाएंगी.
  • एंट्री पाॅइंट रतलाम के अलावा रेलवे इन्हें मेघनगर, उज्जैन, शुजालपुर और मक्सी तक चला सकता है. मजदूरों से रेलवे किराया नहीं लेगा, क्योंकि मध्यप्रदेश सरकार ने किराए के एक करोड़ रुपए (दूरी के हिसाब से प्रति ट्रेन 4 से 7 लाख) एडवांस में रेलवे को जमा करा दिए हैं. इसके बदले रेलवे हर ट्रेन से आने वाले मजदूरों के टिकट प्रिंट करके सरकार तक पहुंचा रही है.
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