डरना जरुरी है; बिहार में मिले कोरोना पॉजिटिव मरीजों में से 81 प्रतिशत में COVID-19 के कोई लक्षण नहीं

राज्य में अब-तक मिले कोरोना पॉजिटव लोगों में 81 प्रतिशत वैसे थे, जिनमें इस बीमारी के कोई लक्षण नहीं थे. 19 प्रतिशत ही ऐसे थे, जिनके अंदर कोरोना बीमारी के लक्षण जैसे, सर्दी, सूखी खांसी, सांस लेने में तकलीफ और बुखार आदि दिखे थे.

स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि 81 प्रतिशत पॉजिटिव लोगों में लक्षण नहीं पाया जाना चिंता का सबब है, क्योंकि उन्हें इसका आभास ही नहीं रहता है कि उन्हें यह बीमारी है और वे अनजाने में दूसरे लोगों में यह संक्रमण फैला देंगे. इसको लेकर राज्य सरकार पूरी तरह तत्पर है और जांच का दायरा निरंतर बढ़ा रही है.

उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ बेगूसराय के तीन ऐसे पॉजिटिव मामले हैं, जिनमें यह ट्रेसिंग नहीं हो पा रही है कि उन्हें कहां से यह संक्रमण मिला. अन्य सभी पॉजिटिव लोगों में यह जानकारी मिली है कि उन्हें किसके संपर्क से यह संक्रमण हुआ. उन्होंने कहा कि बाहर में आ रहे लोगों की पूरी स्क्रीनिंग क्वारंटाइन सेंटर पर होगी और जिनमें भी लक्षण दिखेंगे उन्हें वहीं पर बने स्वास्थ्य विभाग के सेंटर पर ले जाया जाएगा. वहां से उनका सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा.

बिहार में फंसे लोगों के लिए आवदेन शुरू 
आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बिहार में विभिन्न राज्यों के फंसे लोगों के रजिस्ट्रेशन के लिए ऑनलाइन आवेदन सोमवार से ही शुरू कर दिए गए हैं. इन्हें संबंधित जिलाधिकारियों द्वारा ई-पास निर्गत किया जाएगा. उन्होंने कहा कि आठ हजार ऐसे लोग हैं, जो बिहार में फंसे हैं और बाहर जाने के लिए अपनी इच्छा जतायी है.

बिहार में अधिक कड़ाई की जरूरत : सुबहानी 
गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि बिहार में नये-नये जिलों और क्षेत्रों में रोज कोरोना पॉजिटिव के केस मिल रहे हैं. इसलिए यहां पर और अधिक कड़ाई की जरूरत है. इसी हिसाब से यहां चार मई से लॉकडाउन को लेकर कुछ नये निर्णय लिये गए हैं. केंद्र सरकार ने यह छूट राज्यों को दी है कि अपने प्रदेश की स्थिति को देखते हुए वे लॉकडाउन में और कड़ाई कर सकते हैं. बिहार में जिलों की सिर्फ दो कैटेगरी होगी, रेड और ऑरेंज. रेड जोन वाले जिलों में सिर्फ आवश्यक वस्तुओं की बिक्री की अनुमति है. इन जिलों में वहां से जिलाधिकारी दुकानों को लेकर अलग से कुछ चाहें तो छूट दे सकते हैं. वहीं ऑरेंज जोन के जिलों में चार तरह की राज्य सरकार ने छूट दी है. ई कॉमर्स, सभी तरह के निर्माण और उद्योग और बाल काटने के लिए सैलून-स्पा आदि खुल सकेंगे. बाकी केंद्र सरकार के निर्देश यथावत रहेंगे.  

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