बिहार जाने के लिए 9 मजदूरों ने नई साइकिल खरीदी, पुलिस ने पकड़कर वापस भेजा; घर पहुंचे तो बस्ती वालों ने घुसने नहीं दिया

सिरसा : लॉकडाउन में लोगों को धक्के पे धक्के लग रहे हैं. कोई रोजी-रोटी के लिए धक्के खा रहा है तो कोई घर पहुंचने की जद्दोजहद में धक्के खा रहा है. ऐसा ही कुछ सिरसा के 9 मजदूरों के साथ हुआ. उन्होंने बिहार जाने के लिए नई साइकिल खरीदी, जैसे-तैसे छिपते हुए चल दिए. लेकिन रोहतक में पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया. पुलिस ने साइकिल जब्त की और बस में बैठाकर दोबारा सिरसा छोड़ गई. यानी जहां से चले थे, वहीं वापस पहुंच गए.

सिरसा की सुभाष बस्ती में रह रहे 9 प्रवासियों ने लोगों की देखा-देखी बिहार में अपने गांव जाने की सोची. इसके चलते उन्होंने नई साइकिल खरीदी और निकल पड़े बिहार के मुजफ्फरपुर के लिए. जैसे-तैसे छिपते-छिपाते 3 दिन बाद रोहतक पहुंच गए. लेकिन वहां पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया. पुलिस ने उन्हें पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वे सिरसा से आए हैं. पुलिस ने साइकिल जब्त कर ली. फिर बस में बैठाकर इन्हें सिरसा पुलिस के हवाले कर दिया.

सिरसा में पुलिस ने इन्हें सुभाष बस्ती यानी घर भेज दिया. लेकिन बस्ती के लोगों ने इन्हें घरों में घुसने से रोक दिया. वार्ड पार्षद रीना सेठी को मामले की सूचना दी गई. रीना सेठी ने सिविल लाइन थाना पुलिस की मौजूदगी में स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल वैन को बुला कर इन सभी मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग करवाई. प्राथमिक जांच में इनमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं मिले. फिर भी एहतियात बरतते हुए सभी को क्वारैंटाइन में रहने के निर्देश दिए गए. अब मजदूर बेचारे कह रहे हैं कि ये लॉकडाउन के धक्के हैं, जो घर भी नहीं पहुंचे और साइकिल भी जब्त हो गई और अब 14 दिन क्वारैंटाइन में भी रहना पड़ेगा.

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