कोरोना महामारी के बीच नवादा में बर्ड फ्लू की दस्तक, मुर्गे एवं अंडे की दुकानें बंद

कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच बिहार के नवादा जिले के अकबरपुर प्रखंड में बर्ड फ्लू ने दस्तक दे दी है. प्रखंड की फतेहपुर पंचायत स्थित रजहत गांव के विभिन्न इलाकों में मुर्गियों की जांच रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो गई है. रजहत स्थित मसीउद्दीन के एक पॉल्ट्री फॉर्म में जांच के बाद रिपोर्ट पॉजिटिव आई है.

इसके बाद डीएम यश पाल मीणा ने मंगलवार को क्षेत्र का दौरा किया. साथ में जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. तरुण कुमार, जिला कुक्कुट पदाधिकारी डॉ. श्रीनिवास शर्मा सहित विभाग के डॉक्टर, कर्मी और प्रशासनिक पदाधिकारी उपस्थित थे. डीएम ने तत्काल प्रभाव से पॉल्ट्री फॉर्म को केन्द्र मानकर एक किमी त्रिज्या में रहे सभी पॉल्ट्री फॉर्म के मुर्गे-मुर्गियों के अंडों एवं पॉल्ट्री फीड को निष्पादित करने का निर्देश दिया है. करीब 3.14 किमी दायरे में स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर के तहत कार्रवाई की जाएगी.

सभी मुर्गे एवं अंडे की दुकानें रहेंगी बंद
रजहत स्थित पॉल्ट्री फॉर्म को केन्द्र मानकर 10 किमी त्रिज्या तक सर्वेक्षण एरिया घोषित किया गया है. कलिंग ऑपरेशन होने तक सभी मुर्गी एवं अण्डे की दुकान बन्द रहेगी. इन क्षेत्रों में मुर्गी, अण्डे एवं मुर्गी के खाद्य पदार्थ के आवागमन पर पूर्णतः रोक लगा दी गयी है. डीएम ने कहा कि बर्डफ्लू की पुष्टि होने से इन क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए कलिंग ऑपरेशन चलाया जाएगा. बर्ड फ्लू के संक्रमण से बचाव के लिए राजधानी पटना से विशेष टीम जिला पहुंच रही है. एनएच 31 पर विशेष गश्ती बढ़ा दी गयी है.

सावधानी की जरूरत, पक्षी से मानव में फैलने की रहती है गुंजाइश
नवादा में बर्ड फ्लू मामले का यह पहला गांव है. संक्रमित पक्षी के संपर्क में आने के बाद यह रोग मनुष्यों में भी फैल जाता है. ऐसे में जिलेवासियों को खास सावधानी बरतने की जरूरत हैं. डीएम ने जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. तरुण उपाध्याय को निर्देश दिया है कि बर्ड फ्लू का फैलाव दूसरे शहरों या अन्य क्षेत्रों में नहीं हो, इसके लिए सघन सैनेटाइजेशन का काम होगा. उसकी रणनीति बनाई गई है. प्रभावी क्षेत्र में सामूहिक किलिंग की कार्यवाही भी की जाएगी. क्षेत्र में पोल्ट्री फॉर्म में मौजूद मुर्गियों को मारा जाएगा. वैसे सारे काम की गाइडलाइन जिलाधिकारी की देखरेख में होगी.

सर्विलांस पर रखे गए हैं प्रभावित क्षेत्र
मंगलवार देर रात तक कलेक्ट्रेट में अधिकारियों का जमावड़ा लगा था. डीएम यश पाल मीणा और एसपी हरिप्रसाथ एस ने बर्डफ्लू के मद्देनजर संयुक्तादेश जारी किया है. वेटनरी डॉक्टरों की टीम ने प्रभावित क्षेत्रों को सर्विलांस पर रखा है. वेटनरी डॉक्टरों की पांच टीम तैयार की गई है. मुर्गे-मुर्गियों को मारने के मामले में फैसला एवं तरीका पशुपालन की गाइडलाइन के हिसाब से होगा. विभाग ने इसकी तैयारी अपने स्तर से पूरी कर ली है. मालूम हो कि बर्ड फ्लू भी अत्यंत संक्रामक वायरस जनित रोग है‌. इसका असर आम लोगों एवं मुर्गी व्यवसाय पर पड़ता है.

शहर में भी मर रहे हैं पक्षी
जिला मुख्यालय में भी बर्ड फ्लू का असर देखा जा रहा है. मंगलवार को नगर परिषद कार्यालय में कुछ पक्षी मरे हुए मिले हैं. हाल के दिनों में जिले के विभिन्न इलाकों में पक्षी, चमगादड़ और अन्य पशुओं के मरने का मामला सामने आ रहा था. जिससे लोगो में बर्डफ्लू फैलने को लेकर आशंका बनी थी, लेकिन पशुपालन विभाग द्वारा भेजे गए पक्षियों के अवशेष में बर्डफ्लू की पुष्टि नहीं हुई थी. हालांकि मंगलवार को पुष्टि होने के बाद से जिलेभर में अलर्ट जारी कर दिया गया है. इसके पूर्व पड़ोसी जिला नालंदा में भी बर्ड फ्लू की पुष्टि हो चुकी है.

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