न संक्रमित के संपर्क में आई, न गई विदेश फिर भी पटना की महिला कोरोना से हुई संक्रमित

वैशाली के नवल की कोई ट्रेवेल हिस्ट्री नहीं थी और न ही वह किसी संक्रमित के संपर्क में आया. इसके बाद भी वह कोरोना से संक्रमित पाया गया. नवल की मौत के दूसरे ही दिन एक महिला संक्रमित पाई गई है. दोनों ही मामलों में एक जैसी कहानी सामने आ रही है. महिला को शुक्रवार को एम्स में भर्ती कराया गया था. सांस में तकलीफ के साथ कोरोना के लक्षण मिले थे.

जांच में शनिवार को कोरोना के संक्रमण का खुलासा हुआ. वैशाली के नवल की तरह महिला भी कोई विदेश यात्रा नहीं की है और न ही किसी संक्रमित के संपर्क में आई है. इस मामले के बाद अब हड़कंप मचा है. प्रशासनिक अमला एम्स में महिला की पूरी जानकारी खंगालने में जुटा है. यह पता लगाया जा रहा है कि वह किस किस के कांटेक्ट में आई है. घर में पति, पिता और दो बच्चे हैं. ऐसे में आशंका है कि पति से संक्रमण फैला हो सकता है. उसके पति की जांच कराई जाएगी. घर के सभी सदस्यों को होटल अशोका में क्वारंटाइन कर दिया गया है.

ऐसे हुआ कोरोना का खुलासा 
पटना एम्स के मुताबिक 32 वर्षीय संक्रमित महिला पटना के खजपुरा एरिया की रहने वाली है. महिला को सांस लेने में समस्या थी और वह अन्य कई बीमारियों से ग्रसित है. एम्स में उसे 17 अप्रैल को भर्ती कराया गया था और 18 अप्रैल को आई रिपोर्ट में उसे पॉजिटिव पाया गया. देर शाम जैसे ही महिला की रिपोर्ट आई प्रशासन सकते में आ गया. वह महिला की कांटेक्ट हिस्ट्री खंगालने में जुट गया. परिजनों के साथ उसके संपर्क में आए लोगों की तलाश में जुट गया. बीमारी महिला का इलाज कहां कराया गया इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है.

एक सप्ताह में पटना में यह तीसरा मामला आया है जिसे लेकर हड़कंप मचा है. इसके पूर्व वैशाली नवल के मामले में जांच चल रही है और सुल्तानगंज में भी एक वृद्ध संक्रमित पाया गया है. देर शाम तक प्रशासन महिला से जुड़ी जानकारी जुटाने में लगा रहा, वहीं दूसरी तरफ महिला के परिजनों व उसके संपर्क में आए लोगों को क्वॉरंटीन किए जाने का काम किया जा रहा है.  

कंकड़बाग में मिले कोरोना के सात संदिग्ध 
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कंकड़बाग से सात संदिग्ध मरीजों को क्वॉरंटीन किया है. बताया जा रहा है कि परिवार के सदस्यों ने खुद से फोन किया था और कोरोना की आशंका जताई थी, इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सात लोगों को क्वारंटीन किया है.

जांच के लिए रैपिड किट
स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से प्रदेश को 6240 कोरोना जांच के लिए रैपिड टेस्ट किट भेजे गए हैं. मौजूदा समय में जांच को लेकर कोई समस्या नहीं है, लेकिन किट से बड़ी राहत होगी और जांच रिपोर्ट भी जल्दी मिल जाएगी.

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