कोरोना का कहर; दुनिया में कोरोना मरीजों की संख्या 20 लाख पार, 1 लाख 28 हजार मौत

दुनिया भर में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या आधिकारिक रूप से 20 लाख पार कर गई है. एएफपी ने यह जानकारी बुधवार को अंतरराष्ट्रीय समयानुसार सुबह दस बजे तक आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर दी. इसके मुताबिक दुनियाभर में कुल संक्रमितों की संख्या 20, 00,984 है जिनमें से 1,28,071 लोगों की मौत हुई है.

कोरोना वायरस से सबसे अधिक प्रभावित यूरोप महाद्वीप है जहां 85,271 मौतें हुई हैं. वहीं अमेरिका में सबसे तेजी से संक्रमण फैला है और यहां कुल संक्रमितों की संख्या 6,09,240 तक पहुंच गई हैं जिनमें से 26,033 लोगों की मौत हो चुकी है. एएफपी ने राष्ट्रीय सरकारों और विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से उपलब्ध आंकड़ों का ही इस्तेमाल किया है जो संभवत: वास्तविक संक्रमितों का एक हिस्सा है क्योंकि कई देश सर्वाधिक गंभीर मामलों की ही जांच कर रहे हैं.

यूरोप में कोरोना वायरस संक्रमण के 10 लाख से अधिक मामले सामने आये

इधर, यूरोप में कोरोना वायरस संक्रमण के अब तक 10 लाख से अधिक मामले सामने आए हैं. आधिकारिक सूत्रों के आधार पर समाचार एजेंसी एएफपी की गणना के मुताबिक यूरोप में 10,03,284 मामले सामने आए है जिनमें से 84,465 लोगों की मौत हुई है. यूरोप कोरोना वायरस से सबसे प्रभावित महाद्वीप है.

एएफपी ने राष्ट्रीय अधिकारियों और विश्व स्वास्थ्य संगठन की सूचनाओं का इस्तेमाल करके यह गणना की है. स्पेन में 1,72,541 मामले सामने आए हैं और 18,056 लोगों की मौत हुई है. इटली में मामलों की संख्या 1,62,488 है जबकि 21,067 लोग मारे गये हैं. इसी तरह फ्रांस में 1,43,303 मामले सामने आए हैं और 15,729 लोगों की मौत हुई है. जर्मनी में कोरोना वायरस संक्रमण के 1,27,584 मामले आए हैं और 3,254 लोगों की मौत हुई है. ये वे यूरोपीय देश हैं जहां संक्रमण के मामलों की संख्या एक लाख से अधिक है.

ब्रिटेन में 93,873 मामले सामने आये हैं और 12,107 लोगों की मौत हुई है. ब्रिटेन एक ऐसा देश है जहां इस समय नए मामलों की संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है.

डब्ल्यूएचओ को अमेरिकी अनुदान रोकने के ट्रंप के फैसले का कोई कारण नहीं

यूरोपीय संघ (ईयू) ने कहा है कि इस नाजुक घड़ी में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को वित्तीय अनुदान रोकने का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले का कोई कारण नहीं है. साथ ही, विभाजन के बजाय एकजुटता को प्रोत्साहित करने के कदम उठाने की भी अपील की.

उल्लेखनीय है कि ट्रंप ने डब्ल्यूएचओ को दी जाने वाली सालाना 50 करोड़ डॉलर तक की अमेरिकी धनराशि को रोकने की घोषणा की है.

ईयू की विदेश नीति के प्रमुख जोसेप बोरेल ने कहा कि 27 देशों का संगठन कोष की आपूर्ति निलंबित किये जाने पर गहरा अफसोस प्रकट करता है, जबकि कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिये डब्ल्यूएचओ को अभी धन की सर्वाधिक जरूरत है. बोरेल ने कहा, ”हम सिर्फ एकजुट होकर ही इस संकट से निकल सकते हैं. ईयू दशकों से अमेरिका का परंपरागत सहयोगी रहा है लेकिन पिछले कुछ बरसों से यह ट्रंप प्रशासन का आलोचक भी रहा है.

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