मुरादाबाद में लोगो ने धरती के भगवन को भी नहीं बक्शा; बरसते रहे पत्थर, बहता रहा डॉक्टरों का खून

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में बुधवार को शर्मसार कर देने वाली घटना हुई. पूरे विश्व में हजारों लोगों को मौत की नींद सुला देने वाले कोरोना वायरस के संक्रमण से लोगों को बचाने वाली डाक्टरों की टीम पर हमला कर दिया गया. हालत यह थे कि घर की छत से महिलाएं और बच्चे भी डॉक्टरों पर पत्थर बरसते रहे. डॉक्टरों का खून बहता रहा लेकिन कोई उनको बचाने सामने नहीं आया. पुलिस ने किसी तरह डॉक्टरों को बाहर निकाला और अस्पतला में भेजा. 

बता दें कि मुरादाबाद में नागफनी इलाके के नवाबपुरा स्थित हाजी नेब वाली मस्जिद के पास सरताज अली रहते थे. कोरोना की चपेट में आकर उनकी मौत हो गई थी. उनके करीबियों को क्वारंटाइन करने के लिए बुधवार दोपहर डाक्टर एससी अग्रवाल के नेतृत्व में आठ सदस्यीय टीम हाजी नेब वाली मस्जिद पहुंचे. साथ में नागफनी थाने की लैपर्ड भी मौजूद थी. सरताज अली के करीबियों से बातचीत करके क्वारंटान करने के लिए एंबुलेंस तक लाया जा रहा था.

इसी बीच महिलाओं के शोर मचाने पर जुटी भीड़ ने अचानक स्वास्थ्य टीम को निशाना बनाकर पथराव शुरू कर दिया. डाक्टर एससी अग्रवाल, ईएमटी पंकज सिंह, चालक मुनिराज सिंह, फार्मासिस्ट संजीव समेत पांच लोग घायल हो गए. बवाल की सूचना पर डीएम राकेश कुमार सिंह, एसएसपी अमित पाठक, एसपी सिटी अमित कुमार आनंद फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे. बताया जा रहा है जब पुलिस सख्त हुई और पत्थर फेंकने वालों को ललकारा तो मामला शांत हुआ. पुलिस को लाठियां भी फटकारनी पड़ी.

  मुरादाबाद के एसएसपी अमित पाठक का कहना है कि हमलावरों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ एनएसए की भी कार्रवाई की जाएगी। गिरफ्तारी के लिए पुलिस की पांच टीमें संभावित स्थानों पर छापेमारी कर रही हैं। जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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