चंडीगढ़ : विशाल मेगामार्ट में शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग, दमकल की कई गाड़िया मौके पर

मोहाली : शहर केफेज-5 में विशाल मेगामार्ट में शनिवार को आग लग गई. बताया जा रहा है कि बेसमेंट में बने सर्वर रूम में शॉट सर्किट होने से आग लगी. मेगामार्ग के कर्मचारियों ने अग्निशमन यंत्रों की मदद से आग बुझाई, लेकिन कुछ देर बाद आग फिर भड़क गई. आग बुझाने के लिए अग्निशमन की गाड़ियां मंगवाई गई. इस बीच देखते ही देखते मेेगावार्ट के दो फ्लोर इसकी चपेट में आ गई.

कई जगहों से मंगाए फायरटेंडर

आग बुझाने के लिए मोहाली, चंडीगढ़, राजपुरा से फायर की 16 गाड़ियां पहुंची. एनडीआरएफ और एयरफोर्स की टीम मदद को पहुंची. 16 गाड़ियों से करीब अस्सी बार पानी फेंका गया, मगर आग काबू में नहीं आई. अंदर शोरूम में तेल, घी होने से आग ज्यादा भड़क गई, इसलिए सुबह आठ बजे भड़की आग पर रात 12 बजे तक भी काबू नहीं पाया जा सका.

इंक्वायरी मार्क की

दूसरी ओर एसडीएम जगदेव सहगल ने पूरी घटना को लेकर इन्क्वायरी मार्क कर दी है. उन्होंने बताया कि सामान बहुत ज्यादा था, इस कारण प्रशासन को आग बुझाने में इतने घंटे लग रहे हैं. जिस बिल्डिंग में शोरूम है, फायर डिपार्टमेंट ने उसे डेंजर घोषित कर दिया है. डिपार्टमेंट के अफसरों के मुताबिक जिस बिल्डिंग में पांच घंटे से अधिक समय तक आग लगी हो, उसे डेंजर घोषित किया जाता है, यानि की वह रहने के लिए सेफ नहीं है, कभी भी गिर सकती है. आग बुझाने में फॉम के 150 ड्रम लग गए.

दो बार विशाल मेगामार्ट को नोटिस दे चुके हैं

एडिशनल फायर आफिसर मोहन लाल ने बताया कि शोरूम मालिक को दो बार फायर सेफ्टी नियम पूरा न करने को लेकर नोटिस दिए जा चुके हैं. लेकिन नियम पूरे नहीं किए और न ही नोटिस का कोई जवाब दिया.

बेसमेंट में घी, तेल होने से और भड़की आग
बेसमेंट में ग्रासरी का पूरा सामान, कॉस्मेटिक का सामान, लेडिज, जेंटस और बच्चों के शूज , कपड़े, पर्दे, ताैलिए, चादरें, बर्तन, जिम का सामान, पीछे चेंज रूम के साथ सर्वर व स्टोर बनाया गया था. बताया जा रहा है कि करीब 3 करोड़ से अधिक का सामान अंदर था. दूसरी ओर शाम को अंधेरा होने वाला था और काबू पाया नहीं जा सका था. इस बात का डर सता रहा था कि आसपास इमारतों में आग न पहुंच जाए.

सुबह पौने 8 बजे स्टाफ ने स्टोर ओपन किया…
8 बजे के करीब साफ सफाई का काम चल रहा था तो सर्वर रूम में शार्ट सर्किट के कारण फायर अलार्म बजा. स्टाफ ने तुरंत आग खुद की बुझा दी और फिर से काम में जुट गए. स्टोर कम सर्वर रूम से धुआं निकलने लगा तो 8 बजकर 17 मिनट पर फायरब्रिगेड को कॉल की गई. 8 बजकर 22 मिनट में फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी पहुंची और फ्रंट एट्री से अंदर घुसने का प्रयास करने लगे लेकिन काले धुंए ने ऐसा नहीं करने दिया.

बिजली बंद की गई.

आग भड़की देखकर बिजली बंद कर दी गई. क्योंकि इन शोरूम के बैकसाइड ठीक कई ट्रांसफार्मर लगे हैं. दूसरा बेसमेंट में पहुंचने के लिए लेंटर को तोड़ना जरूरी थी जोकि जेसीबी से होना था. जेसीबी टच न हो जाए, इसलिए बिजली बंद करवा दी गई. रात को पार्किंग एरिया खाली करवा दिया गया और गाड़ियों की लाइटों के सहारे आग बुझाने का काम हुआ.

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