बिहार विधानसभा में जातिगत आधार पर जनगणना का प्रस्ताव सर्वसम्मति से हुआ पारित

बिहार में 2021 की जनगणना जातिगत आधार पर होगी. गुरुवार को बिहार विधानसभा में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित हो गया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सदन में प्रस्ताव रखा जिसके बाद बिहार विधानसभा ने जातीय आधार पर जनगणना कराने को लेकर प्रस्ताव पास किया.अब 2021 में कास्ट के आधार पर जनगणना का प्रस्ताव पास किया गया है .

इससे पहले बिहार विधानसभा में गुरुवार को जमकर हंगामा हुआ . आरजेडी के विधायक मंत्री प्रेम कुमार के बयान पर  आक्रोशित  होकर हंगामा कर रहे थे. इसी बीच ये प्रस्ताव रखा गया कि केंद्र सरकार 2021 की जनगणना में जातीय जनगणना को भी शामिल करे. प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पास कर दिया गया.

1931 के बाद से नहीं हुई जाति आधारित जनगणना
21 जनवरी 2019 को लोकसंवाद में नीतीश ने कहा था कि किस जाति के लोगों की संख्या कितनी है, यह मालूम होना चाहिए. देश में आबादी के अनुरूप आरक्षण का प्रावधान हो, इससे अच्छी कोई बात नहीं होगी.

वर्ष 1931 के बाद जाति आधारित जनगणना देश में नहीं हुई. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और धर्म के आधार पर जनगणना हुई है. इसी तर्ज पर सभी जातियों की जनगणना 2021 में होनी चाहिए. जनगणना के समय ही लोगों से उनकी जाति पूछकर उसका जिक्र कर देना चाहिए. इससे सभी जाति के लोगों की वास्तविक संख्या का पता चल जाएगा. इससे सरकार को योजना बनाने में आसानी होगी.

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