नीतीश कुमार ने दो टूक शब्दों में कहा: सूबे में नेशनल सिटीजन रजिस्टर (NRC) लागू होने का सवाल ही नहीं उठता

दरभंगा में अल्पसंख्यक विकास की कई योजनाओं का शुभारंभ करने पहुंचे नीतीश कुमार ने दो टूक शब्दों में कह दिया है कि सूबे में नेशनल सिटीजन रजिस्टर (NRC) लागू होने का सवाल ही नहीं उठता. एनपीआर ( नेशनल पापुलेशन रजिस्टर) भी वर्ष 2010 के आधार पर ही होगा. सूबे में अल्पसंख्यकों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा.

नीतीश कुमार ने एक बार फिर से साफ किया है कि बिहार सहित देश के अन्य राज्यों में एनआरसी लागू करने की कोई आवश्यकता नहीं है. नीतीश कुमार ने कहा है कि NPR के नए स्वरूप को लेकर कई तरह का कन्फ्यूजन लोगों के दिमाग में है. वैसी परिस्थिति में बेहतर यही होगा कि पुराने मॉडल पर ही NPR लागू किया जाए.

रविवार को दरभंगा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हायाघाट प्रखंड के चंदनपट्टी स्थित मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय ( मानू) के सैटेलाइट कैंपस में अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं के शिलान्यास के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे. जहां उन्होंने कहा कि मानू के विकास के लिए जितनी भी जमीन की आवश्यकता होगी, राज्य सरकार हरसंभव मदद करेगी. उन्होंने अल्पसंख्यक विभाग के अपर मुख्य सचिव को इस दिशा में जल्द कदम उठाने का निर्देश दिया .

दरभंगा में एम्स और एयरपोर्ट हमारी जिद

उन्होंने कहा कि सूबे के विकास के लिए किसी भी चीज से समझौता नहीं किया जाएगा. हमने जो काम का संकल्प लिया है, उसे पूरा करेंगे. सीएम ने स्पष्ट शब्दों में इस बात का जिक्र किया कि दरभंगा में एम्स और एयरपोर्ट की स्थापना उनकी जिद थी. जब बिहार को दूसरा एम्स मिला तो उसी समय तय कर लिया कि पटना मेडिकल कॉलेज के बाद सबसे पुराना मेडिकल कॉलेज दरभंगा का है. लिहाजा, यहीं एम्स की स्थापना होगी. इसी तरह जब दो एयरपोर्ट बनाने की बात आई तो सरकार ने तय किया कि दरभंगा और पूर्णिया में बनाया जाएगा .

मौलाना आजाद को भुलाया नहीं जा सकता

मौलाना आजाद को याद करते हुए कहा कि देश की आजादी और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को नहीं भुलाया जा सकता. जैसे लोग महात्मा गांधी को याद रखते हैं, ठीक उसी तरह मौलाना आजाद को भी याद रखना चाहिए. उनके जीवन और काम के बारे में नई पीढ़ी को जानकारी होनी चाहिए. मौलाना आजाद की जीवनी को पढ़ाई में शामिल किया जाना चाहिए.

सभी जिलों में अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय

उन्होंने कहा कि राज्य के सभी जिलों में बिहार राज्य अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय की स्थापना की जाएगी .

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