आयुष्मान भारत – बस नाम का ही, अस्पतालाें ने आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी नहीं किया इलाज,बच्चे ने पिता की गोद में दम तोड़ा

जमशेदपुर के गोलपहाड़ी निवासी राजेश पात्रो के 12 वर्षीय बेटे सागर पात्रो के हार्ट में शिकायत थी. डाॅक्टराें के अनुसार उसके दिल में छेद था. आयुष्मान कार्ड से इलाज नहीं हो पाया. पिता बेटे को गोद में लेकर अस्पताल-दर-अस्पताल चक्कर लगाते रहे, पर कहीं इलाज नहीं हुआ. एमजीएम लाने के क्रम में साेमवार काे पिता की गोद में ही उसकी मौत हो गई. राजेश पात्रो का कहना है कि आयुष्मान कार्ड हाेने के बाद भी छाेटे-बड़े सभी अस्पतालाें का चक्कर लगाया. यहां तक कि सांसद, विधायक और तत्कालीन सीएम रघुवर दास के स्थानीय कार्यायल में भी गुहार लगाई, लेकिन किसी ने नहीं सुनी.

पिता बोले- आयुष्मान कार्ड रहने के बावजूद इलाज नहीं 
राजेश पात्रो ने बताया कि सागर के दिल में छेद था. आयुष्मान कार्ड योजना के तहत 7 माह पहले कार्ड बनवाया. जमशेदपुर के अलावा कोलकाता समेत देश के कई अस्पतालाें में गए. हर अस्पताल ने आयुष्मान कार्ड से इलाज करने से मना कर दिया.

सीएस ने कहा- परिजनों ने नहीं दी समय पर जानकारी
सिविल सर्जन डॉ. महेश्वर प्रसाद ने बताया कि सागर पात्रो का मामला संज्ञान में आने के बाद उसको इलाज के लिए मेडिट्रिना अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वहां इलाज नहीं हुआ तो इसकी जानकारी परिजनों को देनी चाहिए थी.

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