साईं बाबा जन्मस्थान के विवाद को लेकर शिर्डी रविवार से अनिश्चितकाल के लिए बंद

शिर्डी रविवार से अनिश्चितकाल के लिए बंद रहेगा. विवाद के कारण पहली बार शिरडी साईं ट्रस्‍ट ने मंदिर को रविवार से अनिश्चित काल तक बंद करने का फैसला किया है. फैसले की वजह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का बयान है, जिसमें उन्होंने पाथरी को साईंबाबा का जन्मस्थान बताया था. उद्धव ने कहा था कि पाथरी के साईं की जन्मभूमि के तौर पर विकास के लिए 100 करोड़ रुपए दिए जाएंगे. उन्होंने कहा था कि शिर्डी साईंबाबा की कर्मभूमि थी और पाथरी जन्मभूमि.

शिर्डी निवासियों को इस बयान पर ऐतराज है और इसीलिए वे शिर्डी को रविवार से बंद रखेंगे. शिर्डीवासियों का कहना है कि साईंबाबा ने खुद अपने पूरे जीवनकाल में अपने जन्मस्थान का जिक्र नहीं किया. वे हमेशा खुद को सभी धर्मों को मानने वाले और अपनी जाति परवरदिगार बताते थे. साईं सत चरित्र में भी साईं के जन्मस्थान या जाति का उल्लेख नहीं है.

सुविधाएं विकसित करने का काम नहीं रोका जा सकता

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चाव्‍हाण ने कहा है कि जन्मस्थान को लेकर विवाद के कारण पाथरी में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं विकसित करने का काम नहीं रोका जा सकता. अहमदनगर जिले में स्थित शिरडी ही 19वीं सदी के संत साईं बाबा का निवास स्थान था. श्रद्धालुओं का एक बड़ा हिस्सा परभणी जिले में पाथरी को साईं बाबा का जन्मस्थान मानता है.

सीएम ने की पाथरी के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये मंजूर करने की घोषणा

यह विवाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की घोषणा के बाद पैदा हुआ है. मुख्यमंत्री ने पाथरी के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये मंजूर करने की घोषणा की है. राकांपा नेता दुर्रानी अब्दुल्ला खान ने दावा किया है कि पाथरी को साईं बाबा का जन्मस्थान साबित करने के लिए पर्याप्त सुबूत हैं. उन्होंने कहा, ‘जहां शिरडी साईं बाबा की कर्मभूमि है, वहीं पाथरी जन्मभूमि है. दोनों जगहों का अपना महत्व है.

पाथरी मशहूर हो गया तो श्रद्धालुओं का शिरडी में आना कम हो जाएगा 

देश-विदेश से पर्यटक पाथरी पहुंचते हैं, लेकिन वहां बुनियादी ढांचा नहीं है. खान ने कहा, ‘शिरडी के लोगों के लिए कोष कोई मुद्दा नहीं है, वे बस यही चाहते हैं कि पाथरी को साईं बाबा का जन्मस्थान नहीं कहा जाए.’ शिरडी के निवासियों को डर है कि यदि पाथरी मशहूर हो गया तो उनके कस्बे में श्रद्धालुओं का आना कम हो जाएगा.

नई सरकार बनने के बाद साईं बाबा के जन्‍म स्‍थान को लेकर हुआ विवाद 

भाजपा सांसद पाटिल ने कहा, ‘साई बाबा के जन्मस्थान को लेकर कोई विवाद नहीं था. नई सरकार बनने के बाद अब यह कैसे मुद्दा बन गया और नए सुबूत सामने आ गए हैं? राजनेताओं को यह निर्धारित करने का कोई अधिकार नहीं है कि साई बाबा का जन्मस्थान कहां है. यदि राजनीतिक हस्तक्षेप जारी रहा तो शिरडी के लोग कानूनी लड़ाई लड़ेंगे.’

You might also like

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More