पटना एयरपोर्ट से एयर एंबुलेंस की सुविधा देने के लिए काउंटर खुला, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने किया उद्घाटन

गंभीर मरीज के परिजनों को एयर एंबुलेंस के लिए अब पटना एयरपोर्ट पर भटकने की जरूरत नहीं है. पटना एयरपोर्ट से पहली बार एयर एंबुलेंस की सुविधा शुरू हो गई है. पटना एयरपोर्ट पर गुरुवार को एयर एंबुलेंस की सुविधा देने के लिए काउंटर खुल गया. दिल्ली, कोलकाता समेत अन्य शहरों के बड़े हवाई अड्‌डे पर इस तरह का काउंटर नहीं है, जहां से मरीज के परिजन सीधे एयर एंबुलेंस बुक कर सकें.

पटना एयरपोर्ट पर इस तरह का यह देश का पहला काउंटर है. गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने इसका उद्घाटन किया. पटना से दिल्ली का किराया 4.80 लाख होगा. पटना से मरीज को कोलकाता भी ले जाया जाएगा पर इसके लिए चार्ज करीब 7.50 लाख होगा. क्याेंकि, एयर एंबुलेंस दिल्ली से आने के बाद मरीज को कोलकाता ले जाएगा फिर यह वहां से दिल्ली के लिए टेकऑफ करेगा. फ्लाइंग टाइम अधिक होने से कोलकाता या किसी शहर का चार्ज दिल्ली से अधिक होगा.

फरवरी में गया से भी शुरू होगी सुविधा

सूचना देने के बाद सारी प्रक्रिया पूरी होने के छह घंटे में मरीज को पटना से दिल्ली के किसी भी अस्पताल में ट्रांसफर कर दिया जाएगा. बिहार के दूसरे जिले के मरीजों को भी यह सुविधा मिलेगी. मरीज का ट्रांसफर बेड टू बेड होगा यानी मरीज को एयर एंबुलेंस संचालक अंशु अमन की टीम अस्पताल से एंबुलेंस से लेने के बाद पटना एयरपोर्ट लाएगी फिर उन्हें एयर एंबुलेंस से दिल्ली एयरपोर्ट ले जाने के बाद वहां के अस्पताल में पहुंचा देगी. अंशु ने बताया कि अगले माह गया से भी यह सुविधा शुरू होगी. वहां भी काउंटर खोला जाएगा.

मरीज के साथ 2 परिजन और डॉक्टर की टीम भी रहेगी

एयर एंबुलेंस से मरीज के अलावा उनके दो परिजन साथ जाएंगे. उसमें एंबुलेंस संचालक की डॉक्टरों की टीम रहेगी जो उन्हें साथ ले जाएगी. एंबुलेंस में सभी जरूरी मेडिकल उपकरण लगे हुए हैं. पटना से दिल्ली जाने में एयर एंबुलेंस का सफर करीब दो घंटे का होगा. अंशु ने बताया कि पटना एयरपोर्ट पर पार्किंग नहीं मिली है. पार्किंग मिल जाने के बाद एक एयर एंबुलेंस चौबीसों घंटे स्टैंडबाई में रहेगा. 10 लोगों की टीम है. यह सुविधा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी.

बेड टू बेड शिफ्ट होंगे मरीज

मरीज के परिजन को पहले काउंटर पर सूचना देनी होगी. मरीज के इलाज और जहां से रेफर किया गया है, उसका कागज देना होगा। कहां ले जाना है इसकी जानकारी देनी होगी. मरीज कौन से बीमारी से ग्रसित हैं, यह बताना हाेगा. इसके बाद दिल्ली के डॉक्टरों की टीम संबंधित अस्पताल में इलाज करा रहे मरीज के डॉक्टरों से फोन पर बात करेगी. सब कुछ हो जाने के बाद परिजन को रकम जमा करनी होगी. उसके बाद दिल्ली से एंबुलेंस पटना आएगा और फिर मरीज को लेकर रवाना होगा. अंशु अमन ने बताया कि हमारा वीएसएल ग्रुप से कॉट्रेक्ट है. इस ग्रुप के पास सात एयर एंबुलेंस है.

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