15 जनवरी को है मकर संक्रांति, जानें मुहूर्त और महापुण्य काल

नववर्ष 2020 में मकर संक्रांति 15 जनवरी दिन बुधवार को पड़ रहा है. हिन्दू पंचांग के अनुसार इस दिन माघ मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है. माघ मास में स्नान और दान का बहुत ही महत्व माना गया है. इस मास में शीतल जल में स्नान मात्र से ही भगवान श्रीहरि विष्णु प्रसन्न हो जाते हैं, इसलिए मकर संक्रांति के दिन स्नान और दान का विधान है. वहीं, ज्योतिष शास्त्र में कहा गया है कि मकर संक्रांति के समय से देवताओं का दिन प्रारंभ हो जाता है.

क्या है मकर संक्रांति

जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है तो इसे ही मकर संक्रांति कहा जाता है. मकर संक्रांति से ही सूर्य उत्तरायण हो जाते हैं.

मकर संक्रांति मुहूर्त

इस वर्ष भगवान सूर्य मकर राशि में सोमवार 15 जनवरी दिन बुधवार को तड़के 2 बजकर आठ मिनट पर प्रवेश करेंगे.

मकर संक्रांति पुण्य काल सुबह 7 बजकर 15 मिनट से प्रारंभ होकर शाम 5 बजकर 46 मिनट तक है. पुण्य काल का कुल समय 10 घंटे 31 मिनट है.

मकर संक्रांति महा पुण्य काल सुबह 7 बजकर 15 मिनट से सुबह 9 बजे तक है. महा पुण्य काल का कुल समय 1 घंटा 45 मिनट है.

इस समय में मनाएं मकर संक्रांति

मकर संक्रांति के प्रारंभ समय से लेकर 20 घटी (8 घण्टा) पूर्व और 20 घटी (8 घण्टा) बाद तक पुण्य काल होता है. पुण्य काल और महा पुण्य काल में ही मकर संक्रांति मनाई जाती है.

मकर संक्रांति को दान का लाभ

मकर संक्रांति को भगवान सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण होते हैं. इस दिन स्नान, दान, जप, तप, श्राद्ध तथा अनुष्ठान का अधिक महत्व होता है. इस अवसर पर किया गया दान का पुण्य सौ गुना प्राप्त होता है.

मकर संक्रांति पर खरमास समापन

मकर संक्रांति के दिन से ही खरमास का समापन हो जाता है. 16 दिसंबर 2019 से शुरू हुए खरमास में कोई भी मांगलिक कार्य नहीं होता है. अब मकर संक्रांति के बाद से विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, उपनयन संस्कार आदि के लिए मुहूर्त मिलने लगेंगे.

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