2 साल से अम्बाला कैंट में भीख मांगने वाला निकला आजमगढ़ का करोड़पति

2 साल से अम्बाला कैंट की पुरानी अनाज मंडी में मंदिर के बाहर भीख मांग रहा जटाधारी युवक आजमगढ़ का धनंजय ठाकुर निकला. उसके नाम करोड़ों रुपए की संपत्ति बताई जा रही है. दो बहनों का इकलौता भाई है. पिता राधेश्याम सिंह कोलकाता की एक बड़ी कंपनी में एचआर हैं. शुक्रवार को धनंजय की छोटी बहन नेहा सिंह उसे लखनऊ से लेने पहुंची तो भाई के बिछड़ने से लेकर मिलने तक की कहानी सामने आई.

असल में वीरवार को भिखारी दिख रहे युवक के पैर से खून बहता देख गीता गोपाल संस्था के सदस्य साहिल ने उसे पट्टी के लिए पास बुलाया. इसी दौरान उससे पूछा-कहां के हो. युवक जगह नहीं बता सका लेकिन उसने थोड़ा याद करने के बाद एक मोबाइल नंबर बताया.

यह नंबर मिलाया तो आजमगढ़ में शिशुपाल को मिला. साहिल ने युवक के बारे में बात की तो पता लगा कि ये शिशुपाल के ताऊ का बेटा धनंजय उर्फ धर्मेंद्र है, जो करीब दो साल पहले घर से गायब हो गया था. शुक्रवार को धनंजय की बहन नेहा उसे लेने पहुंची. बहन को देख धनंजय ने उसे पहचान लिया.

बहन ने वीरवार के व्रत रखे, वीरवार को ही भाई मिला

36 वर्षीय धनंजय के दो साल पहले गुम हो जाने के बाद नेहा ने वीरवार के व्रत रखे. बेसहारा की जिंदगी गुजार रहे धनंजय आजमगढ़ की अच्छी फैमिली से बिलॉन्ग करता है. धनंजय ने ग्रेजुएशन की है. बहन के मुताबिक धनंजय करोड़ों की प्रॉपर्टी का वारिस है. मां द्रोपदी सिंह हाउसवाइफ हैं. बड़ी बहन उर्मिला और छोटी बहन नेहा सिंह मैरिड हैं.

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