राउरकेला स्टेशन से 30 युवक-युवतियां बरामद, सोनुवा से तमिलनाडु जा रहे थे सभी, दलाल फरार

ओडिशा-झारखंड के सीमावर्ती सोनुवा व लोटापहाड़ से मानव तस्करी कर तमिलनाडु भेजे जा रहे 30 युवक-युवतियों को राउरकेला रेलवे पुलिस ने बचा लिया. सभी को टाटा-एलेप्पी-18190 से तमिलनाडु के त्रिचुर भेजा रहा था. सूचना मिलने के बाद राउरकेला रेलवे स्टेशन में पहले से सतर्क रेलवे पुलिस ने दिव्यांग व महिला बोगी व एसटी-1 से सभी को उतार लिया.  

युवक-युवतियों को लेकर जा रहे मानव तस्करी गिरोह से जुड़ा दलाल पुलिस को देखकर  वहां से भाग निकला. युवक-युवतियों ने दलाल का नाम रमेश बताया है. वह चक्रधरपुर का निवासी है.

अब पुलिस की पांच अलग-अलग टीम उसे तलाश रही है. फिलहाल सभी को शेल्टर हाउस में रखने की व्यवस्था करायी जा रही है, जिसके बाद उनके परिजनों को बुलाकर या फिर घर जाकर सभी को सौंप दिया जाएगा.  

नौकरी का दिया था झांसा: रमेश ने सबको तमिलनाडु के त्रिचुर में 10 से 15 हजार की नौकरी दिलाने की बात बतायी थी. लड़कों को अलग-अलग फैक्ट्री में काम दिलाने और लड़कियों को सिलाई सेंटर में काम दिलाने का आश्वासन दिया गया था.

झारखंड व ओडिशा के अलग-अलग इलाकों से अक्सर इस तरह से मानव तस्करी की जाती है. कई बार इन लड़के-लड़कियों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इन्हें मजदूरी नहीं मिलती और वापस लौटने तक नहीं दिया जाता. कई घटनाओं में इनके साथ होनेवाले नारकीय व्यवहार की भी बात सामने आती है.

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