चुनावी साल आरम्भ होते ही पोस्टर वॉर का आगाज ,RJD ने भी पोस्टर का जबाब पोस्टर से दिया

चुनावी साल में प्रवेश करते ही बिहार में एक बार फिर पोस्टर वॉर शुरू हो गया है. सियासी दल अपनी रणनीतियों का काफी हद तक खुलासा करते जा रहे हैं कि वे किन मुद्दों पर चुनाव लड़ने जा रहे हैं. इसकी शुरुआत गुरुवार को पटना शहर के बीचोंबीच इनकम टैक्स चौराहे पर एक बड़ा पोस्टर लगने के साथ हुई थी. वहीं आज इसके जवाब में आरजेडी (RJD) ने एक नया पोस्टर जारी कर दिया है.
इस पोस्टर में भी 15 साल बनाम 15 साल की तुलना करते हुए लालू-राबड़ी शासन काल को गरीबों का राज और सीएम नतीश के शासन काल को अपराधियों का राज कहा गया है. इसमें गरीबों का राज वाले सेक्शन में लालू यादव को गरीबों का मसीहा दिखाने की कोशिश की गई है जबकि सीएम नीतीश कुमार के शासन काल की अपराध की उन घटनाओं को दर्शाया गया है जो मीडिया की सुर्खियों में रही.

इसी तरह राजद कार्यालय के गेट पर भी दूसरा पोस्टर लगाया गया है. पोस्टर में साफ-साफ बिहार के सीएम नीतीश कुमार और सुशील कुमार मोदी पर निशाना साधा गया है. एक में सीएम नीतीश अपने सिर पर टोकरी लिए हुए जिसपर झूठ की टोकरी लिखा गया है और इसमें सीएम नीतीश द्वारा किए गए कई वादों की बात की गई है और इसे झूठा करार देने की कोशिश की गई है. वहीं सुशील मोदी की टोकरी को जुुमलों की टोकरी कहा गया है. इसमें राम मंदिर, काला धन जैसे वादे याद दिलाने की कोशिश की गई है जिस पर बीजेपी वादा कर सत्ता में आई थी. सबसे खास बात ये है कि इस पोस्टर में ये भी लिखा गया है कि ये नीति आयोग भारत सरकार द्वारा प्रमाणित है. अभी इस पोस्टर पर जदयू और बीजेपी की ओर से कोई जवाब नहीं आया है. इससे पहले जदयू की ओर से एक पोस्टर जारी किया गया था. उस पोस्टर में राजद सुप्रीमो लालू यादव और पूर्व सीएम राबड़ी देवी का जिक्र था. राजद के 15 साल की सरकार को कोसा गया था. अब इस पोस्टर में राजद ने शायद उसी का जवाब दिया है.

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