बासुकिनाथ मंदिर के गर्भ गृह में करंट से पुजारी की मौत, दो घायल

नये साल के पहले दिन बुधवार को बाबा बासुकिनाथ मंदिर में बड़ा हादसा हो गया. मंदिर के गर्भ गृह में करंट दौड़ने से 28 साल के पुरोहित सुमित कुमार झा उर्फ नीलू (पिता रतनेश्वर झा) की मौत हो गयी. वहीं, बर्धमान के श्रद्धालु रोशन सिंह (41) और सपन कर (पिता इंद्रनाथ कर) को भी करंट का मामूली झटका लगा है.  घटना दोपहर करीब दो बजे की है. घटना के वक्त पुरोहित मंदिर के गर्भ गृह में बैठ कर श्रद्धालुओं को पूजा करा रहे थे.

  घटना के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गयी. मंदिर कर्मियों ने आनन-फानन में गर्भ गृह का बिजली कनेक्शन कटवाया. कुछ देर के लिए श्रद्धालुओं को गर्भ गृह में जाने से रोक दिया गया. सुमित कुमार झा को किसी तरह बाहर निकाला गया. उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जरमुंडी पहुंचाया गया, जहां डाॅक्टर ने मृत घोषित कर दिया. 

  सीएम ने दिये जांच के आदेश : घटना  की जानकारी मिलते ही जरमुंडी के  विधायक बादल पत्रलेख ने इसकी सूचना  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दी.  मुख्यमंत्री  ने पुरोहित सुमित कुमार झा के निधन पर गहरा दुख प्रकट किया है. उन्होंने इस मामले की जांच का भी आदेश दिया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच होगी और इस मामले में जो दोषी पाये जाते हैं, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी व्यवस्था की जाये, जिससे भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो.

  पोस्टमार्टम के लिए दुमका भेजा गया शव सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर जुट गये. ग्रामीणों ने मंदिर प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है. ग्रामीणों के सहयोग से पुलिस ने सुमित कुमार के शव का पोस्टमार्टम के लिए दुमका भेजा.    सूचना मिलने के बाद डीसी राजेश्वरी बी मंदिर पहुंचीं. पुलिस अधीक्षक वाइएस रमेश, एसडीओ राकेश कुमार, डीएसपी श्रीराम शामद, पूज्य प्रकाश, कार्यपालक पदाधिकारी राहुल जी आनंद जी सहित कई लोग सीएचसी पहुंचे. घटना की जानकारी ली. मृतक के परिवार को हर संभव मदद देने का भरोसा दिलाया.  

  अरघा सिस्टम शुरू कराया  घटना के बाद  गर्भ गृह में पूजा-अर्चना बंद हो गयी. सुरक्षा बलों ने श्रद्धालुओं को गर्भ गृह में जाने से  रोक दिया. इसके  बाद गर्भ गृह के गेट पर अरघा लगाया गया. कतारबद्ध श्रद्धालुओं ने  अरघा से ही भोलेनाथ का जलाभिषेक किया.   

नये साल के पहले दिन होने के कारण मंदिर में थे हजारों श्रद्धालु   स्टील प्लेट पर बैठे थे सुमित  बताया जाता है कि सुमित कुमार झा शिवलिंग के बगल में स्टील प्लेट पर बैठ कर श्रद्धालुओं को पूजा करा रहे थे. गर्भ गृह में नीर निकास स्थल पर धातु की जाली लगायी गयी है. यहीं से गर्भ गृह में बिजली का तार प्रवेश कराया गया है. बताया जाता है कि इसी जाली में विद्युत प्रवाहित हो गया. सुमित कुमार झा पूजा करवाने के दौरान जाली के संपर्क में आ गये. इससे उनकी मौत हो गयी.    श्रद्धालुओं ने पहले भी की थी करंट की शिकायत मंदिर  के पंडों ने बताया, दिन के 10 बजे कुछ श्रद्धालुओं ने नीर निकास के बगल  में बिजली का झटका महसूस किया था. इसकी शिकायत मंदिर कार्यालय में की थी.  इसके बाद गर्भ गृह का बिजली कनेक्शन काट दिया गया था. गर्भ गृह में अंधेरे  की वजह से बिना जांच कराये कर्मियों ने कुछ देर बाद दोबारा कनेक्शन दे  दिया. 

साल का पहला दिन होने के कारण हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे थे.  श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण प्रवेश द्वार से एक-एक कर उन्हें गर्भ  गृह में भेजा जा रहा था. इस कारण गर्भ गृह में श्रद्धालुओं की संख्या  नियंत्रित थी. अगर अंदर भीड़ अधिक होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था.

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